ShareChat
click to see wallet page
search
#jai bhole
jai bhole - शायरी की डायरी वो वैभव नहीं वैराग्य जीता है, उसे क्या चढ़ाऊँ जो अमृत छोड़ विष पीता है ! 4. ( शायरी की डायरी वो वैभव नहीं वैराग्य जीता है, उसे क्या चढ़ाऊँ जो अमृत छोड़ विष पीता है ! 4. ( - ShareChat