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#poetry #💝 शायराना इश्क़ #🌞 Good Morning🌞 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से
poetry - लेकिन मेरी सुबह छिन गई है। इसलिए दिन जाने कब शुरू हो जाता है रातें जाने कब ख़त्म हो जाती हैं... एक साँझ अवश्य है जो रोते हुए आती है, सिसकते हुए जाती है। ज़़िंदगी हरे नोटों की रखैल तड़फड़ाती है। दर्शन गीतकार शैलेन्द्र भाषा लेकिन मेरी सुबह छिन गई है। इसलिए दिन जाने कब शुरू हो जाता है रातें जाने कब ख़त्म हो जाती हैं... एक साँझ अवश्य है जो रोते हुए आती है, सिसकते हुए जाती है। ज़़िंदगी हरे नोटों की रखैल तड़फड़ाती है। दर्शन गीतकार शैलेन्द्र भाषा - ShareChat