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#अनमोल ज्ञान
अनमोल ज्ञान - अपनी ही माँ द्वारा छोड़े जाने के बाद एक नन्हा बंदर भावनात्मक रूप से टूट गया। वह एक खिलौने को ऐसे पकड़कर रहता है जैसे वही उसकी माँ हो - और उसे कभी छोड़ता नहीं| चि़ड़ियाघर के कर्मचारियों के अनुसार, यह खिलौना उसे सुरक्षा और सुकून का एहसास कराता है। जब भी वह डरता है या अकेलापन महसूस करता है, वह उसे और कसकर पकड़ लेता है। उसकी मासूमियत और भावुक जुड़ाव को देखकर अब कई लोग सिर्फ उसे देखने के लिए चि़ड़ियाघर आने लगे हैं। यह कहानी दिखाती है कि ममता और स्नेह की ज़रूरत सिर्फ इंसानों को ही नहीं, जानवरों को भी उतनी ही होती है। अपनी ही माँ द्वारा छोड़े जाने के बाद एक नन्हा बंदर भावनात्मक रूप से टूट गया। वह एक खिलौने को ऐसे पकड़कर रहता है जैसे वही उसकी माँ हो - और उसे कभी छोड़ता नहीं| चि़ड़ियाघर के कर्मचारियों के अनुसार, यह खिलौना उसे सुरक्षा और सुकून का एहसास कराता है। जब भी वह डरता है या अकेलापन महसूस करता है, वह उसे और कसकर पकड़ लेता है। उसकी मासूमियत और भावुक जुड़ाव को देखकर अब कई लोग सिर्फ उसे देखने के लिए चि़ड़ियाघर आने लगे हैं। यह कहानी दिखाती है कि ममता और स्नेह की ज़रूरत सिर्फ इंसानों को ही नहीं, जानवरों को भी उतनी ही होती है। - ShareChat