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#📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #👍स्पेशल शायरी🖋 #✍मेरे पसंदीदा लेखक रियलिटी
📓 हिंदी साहित्य - वक़्त गुज़र गया, मौसम बदल गए, पर मैं आज भी उसी मोड़ पर खड़ा हूँ- जहाँ कहा गया था, ' ठहरो दोस्त, हम अभी आते हैं।' बिना बताए अपना घर बसा के चल दिए।" और वो. वक़्त गुज़र गया, मौसम बदल गए, पर मैं आज भी उसी मोड़ पर खड़ा हूँ- जहाँ कहा गया था, ' ठहरो दोस्त, हम अभी आते हैं।' बिना बताए अपना घर बसा के चल दिए।" और वो. - ShareChat