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#🙏कृष्ण ज्ञान🌺 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏कृष्ण ज्ञान🌺 - ४B जय श्री कृुष्ण अधर्म , को मूक बनकर, जो मात्र निहारे जाते हैं.. भीष्म हों , द्रोण हों या कर्ण हों, सब मारे জান ৯!! ४B जय श्री कृुष्ण अधर्म , को मूक बनकर, जो मात्र निहारे जाते हैं.. भीष्म हों , द्रोण हों या कर्ण हों, सब मारे জান ৯!! - ShareChat