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##mohammad_ibraheem_sultan_mirza #❤#Dil_Se_Dil_Ki_Baat❤ ❤#दिल_से_दिल_की_बात❤ #🕌नमाज़ फ़र्ज़ है आओ नमाज़ कायम करे 🕋 ##क़ुरआन_और_हदीस_की_रौशनी_में ##Molana_Tariq_jameel_Bayan
#mohammad_ibraheem_sultan_mirza - अबू-हुरैरा रज़ि अल्लाह बयान करते हैं 31೯9 हज़रत कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने फरमायाः जब रमज़ान की पहली रात होती है, तो शैतानों और सरकश जिन्नों को जकड़ दिया जाता है। जहन्नम (नरक) के तमाम दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं और उनमें से कोई दरवाज़ा खुला नहीं रहता। और जन्नत (स्वर्ग) के तमाम दरवाज़े खोल दिए जाते हैं और उनमें से कोई दरवाज़ा बंद नहीं रहता। और एक पुकारने वाला (फरिश्ता) पुकारता हैः ऐ खैर (भलाई) के चाहने वाले! आगे बढ़़, (बुराई) के चाहने वाले! रुक जा'। और ऐ शर से बहुत से लोग जहन्नम से और अल्लाह की तरफ़ आज़ाद किए जाते हैं॰ और ऐसा (रमज़ान की) हर रात को होता है।" मिश्कात अल मसाबिह:19६० अबू-हुरैरा रज़ि अल्लाह बयान करते हैं 31೯9 हज़रत कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने फरमायाः जब रमज़ान की पहली रात होती है, तो शैतानों और सरकश जिन्नों को जकड़ दिया जाता है। जहन्नम (नरक) के तमाम दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं और उनमें से कोई दरवाज़ा खुला नहीं रहता। और जन्नत (स्वर्ग) के तमाम दरवाज़े खोल दिए जाते हैं और उनमें से कोई दरवाज़ा बंद नहीं रहता। और एक पुकारने वाला (फरिश्ता) पुकारता हैः ऐ खैर (भलाई) के चाहने वाले! आगे बढ़़, (बुराई) के चाहने वाले! रुक जा'। और ऐ शर से बहुत से लोग जहन्नम से और अल्लाह की तरफ़ आज़ाद किए जाते हैं॰ और ऐसा (रमज़ान की) हर रात को होता है।" मिश्कात अल मसाबिह:19६० - ShareChat