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#✍️ साहित्य एवं शायरी #एक रचना रोज़✍
✍️ साहित्य एवं शायरी - मै जिंदा हूँ क्यों खुदा जाने उनके हांथे के अस्ले का रुख तो मेरे ही जानिब था उनके खिआफ बयान को खुदा भी कहे तो मुकर जाँऊ अंजाम जो भी हो, बस उनका आना सच लगता हे॰ मै जिंदा हूँ क्यों खुदा जाने उनके हांथे के अस्ले का रुख तो मेरे ही जानिब था उनके खिआफ बयान को खुदा भी कहे तो मुकर जाँऊ अंजाम जो भी हो, बस उनका आना सच लगता हे॰ - ShareChat