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#GodMorningTuesday मेरा जन्म न गर्भ बसेरा, काशी नगर जल कमल पर डेरा, वहाँ जुलाहे ने पाया।। मात-पिता मेरे कुछ नाहीं, ना मेरे घघर दासी (पत्नी)। जुलहा का सुत आन कहाया, जगत करे मेरी हाँसी ।। #TuesdayMotivation ##sant rampal ji maharaj
#sant rampal ji maharaj - नःमेरा जन्म न गर्भ बसेरा , काशी नगर जल कमल पर डेरा, वहाँ जुलाहे ने पाया।। मात-पिता मेरे कुछ नाहीं, ना मेरे घार दासी(पत्नी)। जुलहा का सुत आन कहाया, जगत करे मेरी हाँसी।। বিক্রমী যবন 1455(যন 1898) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा सुबह सुबह ब्रह्माूहुर्त में वह पूर्ण परमेश्वेर कबीर (कविर्देव) जी स्वँयं अपने   मूल स्थान सतलोक से आए। काशी में लहरतारा तालाब के अंदर कमल के फूल पर एक बालक का रूप धारण किया। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL X @SAINTRAMPALJIM  SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARA  नःमेरा जन्म न गर्भ बसेरा , काशी नगर जल कमल पर डेरा, वहाँ जुलाहे ने पाया।। मात-पिता मेरे कुछ नाहीं, ना मेरे घार दासी(पत्नी)। जुलहा का सुत आन कहाया, जगत करे मेरी हाँसी।। বিক্রমী যবন 1455(যন 1898) ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा सुबह सुबह ब्रह्माूहुर्त में वह पूर्ण परमेश्वेर कबीर (कविर्देव) जी स्वँयं अपने   मूल स्थान सतलोक से आए। काशी में लहरतारा तालाब के अंदर कमल के फूल पर एक बालक का रूप धारण किया। बंदीछोड़ सतगुरू रामपाल जी महाराज SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL X @SAINTRAMPALJIM  SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL JI MAHARA - ShareChat