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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 313ಣ' अध्याय 5 श्लोक ११ कायेन मनसा बुद्ध्या केवलैरिन्द्रियैरपि | योगिनः कर्म कुर्वन्ति सङ्गं त्यक्त्वात्मशुद्धये Il अनुवाद कर्मयोगी ममत्वबुद्धिरहित केवल इन्द्रिय, मन, बुद्धि और शरीर द्वारा भी आसक्ति को त्याग कर लिए अन्तःकरण की शुद्धि के कर्म करते हैं। 313ಣ' अध्याय 5 श्लोक ११ कायेन मनसा बुद्ध्या केवलैरिन्द्रियैरपि | योगिनः कर्म कुर्वन्ति सङ्गं त्यक्त्वात्मशुद्धये Il अनुवाद कर्मयोगी ममत्वबुद्धिरहित केवल इन्द्रिय, मन, बुद्धि और शरीर द्वारा भी आसक्ति को त्याग कर लिए अन्तःकरण की शुद्धि के कर्म करते हैं। - ShareChat