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#🙏🏻गुरबानी
🙏🏻गुरबानी - वो मस्जिद की खीर भी खाता है और मंदिर का लड्डू भी खाता है, वो भूखा है साहब इसे मजहब कहाँ समझ आता है|   वो मस्जिद की खीर भी खाता है और मंदिर का लड्डू भी खाता है, वो भूखा है साहब इसे मजहब कहाँ समझ आता है| - ShareChat