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#जैन_धर्म_की_सच्चाई जैन धर्म में ओंकार अर्थात 'णोंकार' का जाप किया जाता है। जबकि गीता अध्याय 8 श्लोक 13 के अनुसार यह ॐ मंत्र ब्रह्म का है और ब्रह्म ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में अपनी साधना को अनुत्तम (घटिया) बताया है। अधिक जानकारी के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - मारीचि जी के जीव ने प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव जी से दीक्षा लेकर साधना की। उसके परिणामस्वरूप मारीचि जी के जीव ने गधा , कुत्ता आदि का जीवन भोगा और स्वर्ग-्नरक में भटका| प्रहावीर जैन बना। जिसका प्रमाण पुस्तक आओ जैन धर्म को जानें ` के पृष्ठ २९४ & २९६ में है। महावीर जी ने तो किसी से दीक्षा भी नही ली थी। उन्होंने तो मनमाना आचरण करके साधना की। तो विचार करें, उनका क्या हुआ होगा ? Sant Rampal Ji Free YOUTUBE Buuk : Maharaj 7496801825 CHANNEL mSaintRhmpnloiManil मारीचि जी के जीव ने प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव जी से दीक्षा लेकर साधना की। उसके परिणामस्वरूप मारीचि जी के जीव ने गधा , कुत्ता आदि का जीवन भोगा और स्वर्ग-्नरक में भटका| प्रहावीर जैन बना। जिसका प्रमाण पुस्तक आओ जैन धर्म को जानें ` के पृष्ठ २९४ & २९६ में है। महावीर जी ने तो किसी से दीक्षा भी नही ली थी। उन्होंने तो मनमाना आचरण करके साधना की। तो विचार करें, उनका क्या हुआ होगा ? Sant Rampal Ji Free YOUTUBE Buuk : Maharaj 7496801825 CHANNEL mSaintRhmpnloiManil - ShareChat