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वायरल न्यूज - दैनिक भास्कर सच्ची बात, बेधड़क क्रांति - सूरत से टोल वसूली में बदलाव की शुरुआत में आधुनिक टोल बूथ। -फोटोः रितेश पटेल देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ, बगैर रुके कटेगा टोल वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है লবক্বথা মিথা | মুনে मेरे वाहन पर फास्टैग नहीं है तो क्या ? बैरियर 1 का टोल देश का पहला बिना ऑटोमैटेड नंबर प्लेट रिकग्निशिन ( एएनपीआर  में शुरू के किया बूथ गुजरात सूरत कैमरे नंबर प्लेट पढ़ेंगे। वाहन फास्टैग उल्लंघन' के गया है। एनएच ४८ पर चौरासी टोल रूप में दर्ज होगा। डेटा कंट्रोल रूम जाएगा। नोटिस पर बने इस मानव- रहित बूथ से नाका ई-चालान भेजकर जुर्माना और टोल वसूला जाएगा। वाहन बिना रुके निकल सकेंगे और फास्टैग है लेकिन बैलेंस नहीं है या ब्लॉक है ? फास्टैग के जरिए टोल शुल्क कट आधुनिक सिस्टम फास्टैग स्कैन करेगा। बैलेंस कम जाएगा। एनएचएआई के मुताबिक, होने पर एंट्री डिफॉल्टर के रूप में दर्ज होगी। वाहन १५ करोड़ की लागत से विशेष स्टील मालिक को एसएमएस एप अलर्ट मिलेगा। तय समय गैन्ट्री पर जीपीएस से लैस ३६ हाई- में रिचार्ज न करने पर पेनल्टी ई-चालान भेजा जाएगा। रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। यह जानबूझकर टोल चोरी की कोशिश की तो ? तकनीक अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया ব্রুল, में इस्तेमाल हो रही है। जून से ऐसा हर लेन में रडार+्लिडार युक्त दो कैमरे हैं। ३६० डिग्री बूथ कर्नाटक में मैसूर-बेंगलुरु हाईवे रिकॉर्डिंग करते हैं। रियल टाइम डेटा एनएचएआई सर्वर पर दर्ज करेगा। इसलिए ये पैंतरा नहीं चलेगा। पर भी शुरू होगा। दैनिक भास्कर सच्ची बात, बेधड़क क्रांति - सूरत से टोल वसूली में बदलाव की शुरुआत में आधुनिक टोल बूथ। -फोटोः रितेश पटेल देश का पहला बिना बैरियर वाला टोल बूथ, बगैर रुके कटेगा टोल वो सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है লবক্বথা মিথা | মুনে मेरे वाहन पर फास्टैग नहीं है तो क्या ? बैरियर 1 का टोल देश का पहला बिना ऑटोमैटेड नंबर प्लेट रिकग्निशिन ( एएनपीआर  में शुरू के किया बूथ गुजरात सूरत कैमरे नंबर प्लेट पढ़ेंगे। वाहन फास्टैग उल्लंघन' के गया है। एनएच ४८ पर चौरासी टोल रूप में दर्ज होगा। डेटा कंट्रोल रूम जाएगा। नोटिस पर बने इस मानव- रहित बूथ से नाका ई-चालान भेजकर जुर्माना और टोल वसूला जाएगा। वाहन बिना रुके निकल सकेंगे और फास्टैग है लेकिन बैलेंस नहीं है या ब्लॉक है ? फास्टैग के जरिए टोल शुल्क कट आधुनिक सिस्टम फास्टैग स्कैन करेगा। बैलेंस कम जाएगा। एनएचएआई के मुताबिक, होने पर एंट्री डिफॉल्टर के रूप में दर्ज होगी। वाहन १५ करोड़ की लागत से विशेष स्टील मालिक को एसएमएस एप अलर्ट मिलेगा। तय समय गैन्ट्री पर जीपीएस से लैस ३६ हाई- में रिचार्ज न करने पर पेनल्टी ई-चालान भेजा जाएगा। रेजोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। यह जानबूझकर टोल चोरी की कोशिश की तो ? तकनीक अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया ব্রুল, में इस्तेमाल हो रही है। जून से ऐसा हर लेन में रडार+्लिडार युक्त दो कैमरे हैं। ३६० डिग्री बूथ कर्नाटक में मैसूर-बेंगलुरु हाईवे रिकॉर्डिंग करते हैं। रियल टाइम डेटा एनएचएआई सर्वर पर दर्ज करेगा। इसलिए ये पैंतरा नहीं चलेगा। पर भी शुरू होगा। - ShareChat