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#aaj ka इतिहास
aaj ka इतिहास - f வாI कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान देश और दुनिया के इतिहास में यूं तो कई महत्वपूर्ण घटनाएं २४ मार्च  की तारीख के नाम दर्ज हैं, लेकिन २४ मार्च २०२० को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस के कहर के कारण देशभर में लॉकडाउन लगाने की घोषणा करके इस दिन को इतिहास में जगह बनाने की एक बड़ी वजह दे दी। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा ५०० से पार होने के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया। तपेदिक को लेकर भी यह दिन खास है , क्योंकि इसी दिन बीमारी के बैक्टीरिया की पहचान हुई थी। डॉ. राबर्ट कोच ने २४ मार्च १८८२ को  মসোরক্বলীলমিম  यह ऐलान किया था कि उन्होंने माइकोबैक्टीरियम  का पता लगा लिया है, जो इंसानों में तपेदिक की " जिम्मेदार है। यही वजह है कि दुनियाभर में २४ मार्च को विश्व तपेदिक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। १३०७ : देवगिरी ।दौलताबाद) के अजेय किले पर अलाउद्दीन खिलजी के नेतृत्व में काफूर ने कब्जा कर लिया। १८५५  সলিক कलकत्ता से आगरा के ೧೦ बीच पहला लंबी दूरी का टेलीग्राफिक संदेश भेजा गया। १८८२ : डॉ. रॉबर्ट कोच ने उस बैक्टीरिया का पता लगाया , जिसकी वजह से तपेदिक की बीमारी होती है। १६०३: एलिजाबेथ प्रथम का निधन। f வாI कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान देश और दुनिया के इतिहास में यूं तो कई महत्वपूर्ण घटनाएं २४ मार्च  की तारीख के नाम दर्ज हैं, लेकिन २४ मार्च २०२० को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस के कहर के कारण देशभर में लॉकडाउन लगाने की घोषणा करके इस दिन को इतिहास में जगह बनाने की एक बड़ी वजह दे दी। देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा ५०० से पार होने के बाद यह एहतियाती कदम उठाया गया। तपेदिक को लेकर भी यह दिन खास है , क्योंकि इसी दिन बीमारी के बैक्टीरिया की पहचान हुई थी। डॉ. राबर्ट कोच ने २४ मार्च १८८२ को  মসোরক্বলীলমিম  यह ऐलान किया था कि उन्होंने माइकोबैक्टीरियम  का पता लगा लिया है, जो इंसानों में तपेदिक की " जिम्मेदार है। यही वजह है कि दुनियाभर में २४ मार्च को विश्व तपेदिक दिवस के तौर पर मनाया जाता है। १३०७ : देवगिरी ।दौलताबाद) के अजेय किले पर अलाउद्दीन खिलजी के नेतृत्व में काफूर ने कब्जा कर लिया। १८५५  সলিক कलकत्ता से आगरा के ೧೦ बीच पहला लंबी दूरी का टेलीग्राफिक संदेश भेजा गया। १८८२ : डॉ. रॉबर्ट कोच ने उस बैक्टीरिया का पता लगाया , जिसकी वजह से तपेदिक की बीमारी होती है। १६०३: एलिजाबेथ प्रथम का निधन। - ShareChat