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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - हम में कुछ नहीं) (हमारा कभी-कभी मैं सोचती हूं कि, हम इंसान इतना क्यों विचार करते हैं! कुछ भी तो यहां हमारा नहीं , फिर किस बात का अंहकार करते हैं। ঐ সান-মম্সান হিংন-নান जिसको है हम अपना समझकर बैठे, सब मरते ही खत्म हो जाएंगे! ये धनन्दौलत और महल खजाने , सब धरे के धरे रह जाएंगे। पंच तत्व से बना ये शरीर पंच तत्व में ही मिल जाएगा! मन-बुद्धि का ये मायावी चीर, प्राण खिंच लेे जाएगा। सुख-्दुख ,ईष्र्या-प्रेम का ये बादल, पल में छंट जाएगा! हम में कुछ नहीं, हमारा सब अपने हिस्से बंट जाएगा। -कविता केशव हम में कुछ नहीं) (हमारा कभी-कभी मैं सोचती हूं कि, हम इंसान इतना क्यों विचार करते हैं! कुछ भी तो यहां हमारा नहीं , फिर किस बात का अंहकार करते हैं। ঐ সান-মম্সান হিংন-নান जिसको है हम अपना समझकर बैठे, सब मरते ही खत्म हो जाएंगे! ये धनन्दौलत और महल खजाने , सब धरे के धरे रह जाएंगे। पंच तत्व से बना ये शरीर पंच तत्व में ही मिल जाएगा! मन-बुद्धि का ये मायावी चीर, प्राण खिंच लेे जाएगा। सुख-्दुख ,ईष्र्या-प्रेम का ये बादल, पल में छंट जाएगा! हम में कुछ नहीं, हमारा सब अपने हिस्से बंट जाएगा। -कविता केशव - ShareChat