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जैनियों का मानना है कि यह सृष्टि नर-मादा से उत्पन्न हुई है, इसका कोई रचयिता नहीं है। ऐसे लोगों को गीता अध्याय 16 श्लोक 8-9 में क्रूरकर्मी मनुष्य केवल जगत के नाश के लिए ही उत्पन्न हुए कहा है। अधिक जानकारी के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल #जैन_धर्म_की_सच्चाई #Jain #jainism #jainmuni #mahavirjayanti #guru
guru - जैनियों का मान्ना है कि यह 55೯, नर-मादा से उत्पन्न  zf इसका कोई रचयिता नहीं है। भगवद्गीत 3 शरीभहयवदगीता *ठ 5@0 ऐसे लोगों को गीता अध्याय १६ श्लोक 8=9 मेँ क्रूरकर्मी मनुष्य केवल जगत के नाश के लिए ही उत्पन्न हुए कहा है।  देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल ؟ अधिक जानकारी के Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buul : Maharaj CHANNEL 749680|845 @SaintHampul IiMaharal जैनियों का मान्ना है कि यह 55೯, नर-मादा से उत्पन्न  zf इसका कोई रचयिता नहीं है। भगवद्गीत 3 शरीभहयवदगीता *ठ 5@0 ऐसे लोगों को गीता अध्याय १६ श्लोक 8=9 मेँ क्रूरकर्मी मनुष्य केवल जगत के नाश के लिए ही उत्पन्न हुए कहा है।  देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल ؟ अधिक जानकारी के Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buul : Maharaj CHANNEL 749680|845 @SaintHampul IiMaharal - ShareChat