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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - ( भी गुज़र गई मलाल भी ? गुज़र गया, ग़ुज़रते ये साल भी गुज़रते ग़ुज़र गया, { 8   ( भी गुज़र गई मलाल भी ? गुज़र गया, ग़ुज़रते ये साल भी गुज़रते ग़ुज़र गया, { 8 - ShareChat