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सबके भीतर श्रीकृष्ण का वास है,इसीलिए किसी को अपनी वाणी या व्यवहार द्वारा दुःखी न करें । दूसरे को दुःख पहुंचाना, अर्थात् अपने इष्ट को दुःखी करना । श्रीजी महाराज #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - सबके भीतर श्रीकृष्ण का वास है,इसीलिए किसी को अपनी वाणी दुःखी या व्यवहार द्वारा न करें ।दूसरे को दुःख पहुंचाना , अर्थात् अपने इष्ट को दुःखी करना श्रीजी महाराज सबके भीतर श्रीकृष्ण का वास है,इसीलिए किसी को अपनी वाणी दुःखी या व्यवहार द्वारा न करें ।दूसरे को दुःख पहुंचाना , अर्थात् अपने इष्ट को दुःखी करना श्रीजी महाराज - ShareChat