😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡😡
मत पूछो इस ज़िन्दगी में
बेगाने होते लोग देखे,
अज़नबी होता शहर देखा
हर इन्सान को यहाँ
मैंने ख़ुद से ही बेखबर देखा।
रोते हुए नयन देखे,
मुस्कुराता हुआ अधर देखा
गैरों के हाथों में मरहम,
अपनों के हाथों में खँज़र देखा।
मत पूछो इस ज़िन्दगी में,
इन आँखों ने क्या मंज़र देखा
मैंने हर इन्सान को यहाँ,
बस, ख़ुद से ही बेखबर देखा।
😡सुप्रभात😡 #🌞 Good Morning🌞

