#सतगुरुसंगत_छोड़कर_मोक्षनपावे
#सत_भक्ति_संदेश
कबीर, सतगुरु के उपदेश का सुनिया एक विचार।
जै सतगुरू मिलते नहीं तो जाते यम द्वार।।
कबीर, यमद्वार में दूत सब, करते खेंचातान।
उनसे कबहू ना छूटता, फिर फिरता चारों खान।।
सतगुरु जी नहीं मिलते तो दोजख की आग में जलते। यम के दूत पिटाई करते।


