ShareChat
click to see wallet page
search
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - Poetry Info बड़ी मुद्दत से ठहरी है कश्ती मेरी, किनारे पर अब तो खुदा ही जाने कि रूह का ठिकाना कहाँ है..!! Poetry Info बड़ी मुद्दत से ठहरी है कश्ती मेरी, किनारे पर अब तो खुदा ही जाने कि रूह का ठिकाना कहाँ है..!! - ShareChat