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#❤️ दिल से ❤️
❤️ दिल से ❤️ - में वहीं सत्य है, కfuT जो बिना मूहर्त के होता है, जैसे- जन्म , मृत्यु ओर प्रेम।  जो विधान ईश्वर ने लिखा है, उसे किसी पंचांग की आवश्यकता नहीं , वह अपने समय पर घटित होकर ही रहता है, सूर्य का उदय और अस्त होना किसी मुहूर्त मोहताज नहीं, वैसे ही आत्मा का का में वहीं सत्य है, కfuT जो बिना मूहर्त के होता है, जैसे- जन्म , मृत्यु ओर प्रेम।  जो विधान ईश्वर ने लिखा है, उसे किसी पंचांग की आवश्यकता नहीं , वह अपने समय पर घटित होकर ही रहता है, सूर्य का उदय और अस्त होना किसी मुहूर्त मोहताज नहीं, वैसे ही आत्मा का का - ShareChat