ShareChat
click to see wallet page
search
गीता सार हम सभी को ज्ञात होना चाहिए #गीता सार🙏
गीता सार🙏 - ।। गोता सार 36 परिवर्तन संसार का नियम है किससे व्यर्थ डरते हो ? चिंता करते हो ? क्यों व्यर्थ जिसे तुम मृत्यु समझते हो, मार सकता है आत्मकोन पुँदाह हमतरा हैकता मरती है  कौन में तुम् करोडों के वही तो जीवन है। एक क्षण ম বুস स्वामी बन जाते हो, दूसरे ही क्षण ಫೌಕ 3= = वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है वह जो हुआहवह जोच्ह्ो हुआवह भीहअच्छा ही होगा।च मेरा-्तेरा , छोटा-बड़ा ,  எ = সপনা-৭যো সন ম সিeা নী, तुम भूत का पश्चाताप न करा विचार से हटा दो॰ फिर सब वर्तमान चल रहा है | की चिन्ता न करो वष्य तुम्हारा है॰ মনক ম্া तुम्हारा क्या गया, जो तुम रोते हो ? तुम सबतुम शरीर के हो। शरीर , तुम्हारा तुमने खो दिया 7 %e तुम क्या लाये थे, जा पृश्वी तुमने क्या पैदा ক্িমা থা यह आग्न जल ೫  8 न तुम कुछ लेकर आये, সাক্াহা ? नाश हा गया में मिल जायेगा जो लिया यहीं से लिया परन्तु आत्मा स्थिर है॰ সক্কন্ী फिर तुम क्याहो तुम जो दिया यहीं पर दिया GT IT भगवान) से लिया 3 जो आज आपको भगवान के अर्पित तुम्हारा है कल किसी और का था, जा इसके सहारे को जानत है, परसों किसी और का होगा चिन्ता, शोक से सर्वदा मुक्त है भय  ٩٤ तुम इसे अपना समझकर मग्न हो रहे जो कुछ भी तू करता है उसे भगवान को हा। बस यह THFIrT ಠ अर्पण करता चल বূমী ম त तुम्हारे दुःखों का कारण है जीवन-्मुक्त अनुभव करेगा का आनन्द भगवान श्री कृष्ण ।। गोता सार 36 परिवर्तन संसार का नियम है किससे व्यर्थ डरते हो ? चिंता करते हो ? क्यों व्यर्थ जिसे तुम मृत्यु समझते हो, मार सकता है आत्मकोन पुँदाह हमतरा हैकता मरती है  कौन में तुम् करोडों के वही तो जीवन है। एक क्षण ম বুস स्वामी बन जाते हो, दूसरे ही क्षण ಫೌಕ 3= = वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है वह जो हुआहवह जोच्ह्ो हुआवह भीहअच्छा ही होगा।च मेरा-्तेरा , छोटा-बड़ा ,  எ = সপনা-৭যো সন ম সিeা নী, तुम भूत का पश्चाताप न करा विचार से हटा दो॰ फिर सब वर्तमान चल रहा है | की चिन्ता न करो वष्य तुम्हारा है॰ মনক ম্া तुम्हारा क्या गया, जो तुम रोते हो ? तुम सबतुम शरीर के हो। शरीर , तुम्हारा तुमने खो दिया 7 %e तुम क्या लाये थे, जा पृश्वी तुमने क्या पैदा ক্িমা থা यह आग्न जल ೫  8 न तुम कुछ लेकर आये, সাক্াহা ? नाश हा गया में मिल जायेगा जो लिया यहीं से लिया परन्तु आत्मा स्थिर है॰ সক্কন্ী फिर तुम क्याहो तुम जो दिया यहीं पर दिया GT IT भगवान) से लिया 3 जो आज आपको भगवान के अर्पित तुम्हारा है कल किसी और का था, जा इसके सहारे को जानत है, परसों किसी और का होगा चिन्ता, शोक से सर्वदा मुक्त है भय  ٩٤ तुम इसे अपना समझकर मग्न हो रहे जो कुछ भी तू करता है उसे भगवान को हा। बस यह THFIrT ಠ अर्पण करता चल বূমী ম त तुम्हारे दुःखों का कारण है जीवन-्मुक्त अनुभव करेगा का आनन्द भगवान श्री कृष्ण - ShareChat