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हां 😔 मेरे मन की यही व्यथा हैं, पर आप समझते कहां हो, आप को तो बस ये बाते कहनी आती हैं, और हम तो फील करते है इन सब को #❤️शुभकामना सन्देश
❤️शुभकामना सन्देश - Sharechat नहीं जाता @Khushbool মুলায়া लोग बड़ी आसानी से कह देते हैं - भूल जाओ उसे.. पर कोई ये नहीं पूछता कि जिसे को कह रहे हैं, भुलाने वो ज़िंदगी में कितनी गहराई से बसा था। वो हर सुबह की दुआ था, हर रात की आख़िरी सोच। लोगों को लगा एक इंसान था, पर असल में वो पूरी ர4 था। लोग बड़ी जल्दी जज कर लेते हैं, मुस्कुराहट देखकर समझ लेते हैं सब ठीक है। उन्हें क्या पता, चुकी है। ये मुस्कान रोज़ दर्द को की आदत बन छुपाने वक़्त ने सब छीन लिया, और लोग कहते हैं वक़्त सब ठीक कर देता है। पर कुछ ज़ख्म ऐसे होते हैं, जो ठीक नहीं होते... बस इंसान उन्हें ढोना सीख जाता है। भीड़ में अकेलापन चुभता है, आज भी और खामोशी सबसे ज़्यादा शोर करती है। लोग बड़ी आसानी से आगे बढ जाते हैं और कुछ लोग... बस यादों में ही ज़़िंदा रह जाते हैं। Sharechat नहीं जाता @Khushbool মুলায়া लोग बड़ी आसानी से कह देते हैं - भूल जाओ उसे.. पर कोई ये नहीं पूछता कि जिसे को कह रहे हैं, भुलाने वो ज़िंदगी में कितनी गहराई से बसा था। वो हर सुबह की दुआ था, हर रात की आख़िरी सोच। लोगों को लगा एक इंसान था, पर असल में वो पूरी ர4 था। लोग बड़ी जल्दी जज कर लेते हैं, मुस्कुराहट देखकर समझ लेते हैं सब ठीक है। उन्हें क्या पता, चुकी है। ये मुस्कान रोज़ दर्द को की आदत बन छुपाने वक़्त ने सब छीन लिया, और लोग कहते हैं वक़्त सब ठीक कर देता है। पर कुछ ज़ख्म ऐसे होते हैं, जो ठीक नहीं होते... बस इंसान उन्हें ढोना सीख जाता है। भीड़ में अकेलापन चुभता है, आज भी और खामोशी सबसे ज़्यादा शोर करती है। लोग बड़ी आसानी से आगे बढ जाते हैं और कुछ लोग... बस यादों में ही ज़़िंदा रह जाते हैं। - ShareChat