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#सच्ची बात
सच्ची बात - सच्ची बात कषी कभी परेस्थिति वश मनुष्य "ईश्वर" को दोष देता है। उसने मुझे क्या दिया, जीवन में दुख और परेशानियों के अलावा। परन्तु देखिए। "ईश्वर" का सबसे बड़ा वरदान, उन्होंने विचार करके आपको इंसान बनाया और उससे भी बड़ा आशीर्वाद आपको विवेक और उचित और में भेद करने की क्षमता प्रदान अनुचित की। फिर भी दोषी ईश्वर को ठहराते हो क्यों ? कैसा प्रश्न है यदि आपकी संतान आप से कहे कि आपने उन्हें दिया ही क्या है तो क्यों दुख होता है। आप विचार करके देखें। जब आप बीमार अप्रिय दुर्घटना हो जाये तो "ईश्वर" को ही याद करते हैं। उस या समय "ईश्वर" से मांगी दुआएं ही काम आती हैं। यही जीवन की वास्तविक सच्चाई है जय श्री श्याम सच्ची बात कषी कभी परेस्थिति वश मनुष्य "ईश्वर" को दोष देता है। उसने मुझे क्या दिया, जीवन में दुख और परेशानियों के अलावा। परन्तु देखिए। "ईश्वर" का सबसे बड़ा वरदान, उन्होंने विचार करके आपको इंसान बनाया और उससे भी बड़ा आशीर्वाद आपको विवेक और उचित और में भेद करने की क्षमता प्रदान अनुचित की। फिर भी दोषी ईश्वर को ठहराते हो क्यों ? कैसा प्रश्न है यदि आपकी संतान आप से कहे कि आपने उन्हें दिया ही क्या है तो क्यों दुख होता है। आप विचार करके देखें। जब आप बीमार अप्रिय दुर्घटना हो जाये तो "ईश्वर" को ही याद करते हैं। उस या समय "ईश्वर" से मांगी दुआएं ही काम आती हैं। यही जीवन की वास्तविक सच्चाई है जय श्री श्याम - ShareChat