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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💓 मोहब्बत दिल से #🤲 इबादत #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #🤲 दुआएं
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - मौत का सफ़र कब तक? ~ डॉ. विकास मानव निहायत गरीब, असहाय, अनाथ को छोड़कर में सुख अधिक होता है ज्ञान सबके बचपन ऐसों के लिए हम काम कर रहे हैं॰ कम. पढ़ने- लिखने या समाज से मिले तथ्यों से ज्ञान बढ़ता जाता है, सुख घटता जाता है. उधर सुखद अनुभव करके नहीं जीते हम. सुखद बचपन को बचपन को हम दुःखद मानते हैं. सोचते हैं बडा हो जाऊंगा , घर या शिक्षालय किसी की सुनना नहीं पड़ेगा. शादी हो जाएगी , तब स्वतंत्र और सुखी हो ऐसा कभी होता है? जाऊंगा.क्या ऐसा होता नहीं. उलटा होता है. सांसारिक ज्ञान और अनुभव बढ़ता जाता है और आपका अपना सुख घटता जाता है. इसकी जगह दुःख बढ़ता जाता है.तब भी आँख नहीं खुलती. परमानंद के अंशधारी का आनंद क्या सुख जीवन में दुःख तक से वंचित रहना, उसके बढ़ते जाना विकास की यात्रा नहीं , विनाश की यात्रा है. यह जीवन का नहीं मौत- मात्र का सफ़र है. ये सफ़र आख़िर कब तक? बचपन से कफ़न तक का यह सफ़र हमें स्वयँ को जीने ही नहीं देता. बस देह को जीते हैं हम. कब होश में आओगी मानव की सन्तानों ! 'जीवन' को जो भी चाहिए, वह सब निःशुल्क सुलभ : (होम सर्विस भी उपलब्ध है). कॉल 91 99977 41245 (कॉल से पहले व्हाट्सप्प 8५४60 ७०४६५ अपॉइंटमेंट लें ) . पर चेतना स्टैमिना विकास मिशन. असंभव कुछ-भी नहीं है॰ परखें और जीएं हमें मौत का सफ़र कब तक? ~ डॉ. विकास मानव निहायत गरीब, असहाय, अनाथ को छोड़कर में सुख अधिक होता है ज्ञान सबके बचपन ऐसों के लिए हम काम कर रहे हैं॰ कम. पढ़ने- लिखने या समाज से मिले तथ्यों से ज्ञान बढ़ता जाता है, सुख घटता जाता है. उधर सुखद अनुभव करके नहीं जीते हम. सुखद बचपन को बचपन को हम दुःखद मानते हैं. सोचते हैं बडा हो जाऊंगा , घर या शिक्षालय किसी की सुनना नहीं पड़ेगा. शादी हो जाएगी , तब स्वतंत्र और सुखी हो ऐसा कभी होता है? जाऊंगा.क्या ऐसा होता नहीं. उलटा होता है. सांसारिक ज्ञान और अनुभव बढ़ता जाता है और आपका अपना सुख घटता जाता है. इसकी जगह दुःख बढ़ता जाता है.तब भी आँख नहीं खुलती. परमानंद के अंशधारी का आनंद क्या सुख जीवन में दुःख तक से वंचित रहना, उसके बढ़ते जाना विकास की यात्रा नहीं , विनाश की यात्रा है. यह जीवन का नहीं मौत- मात्र का सफ़र है. ये सफ़र आख़िर कब तक? बचपन से कफ़न तक का यह सफ़र हमें स्वयँ को जीने ही नहीं देता. बस देह को जीते हैं हम. कब होश में आओगी मानव की सन्तानों ! 'जीवन' को जो भी चाहिए, वह सब निःशुल्क सुलभ : (होम सर्विस भी उपलब्ध है). कॉल 91 99977 41245 (कॉल से पहले व्हाट्सप्प 8५४60 ७०४६५ अपॉइंटमेंट लें ) . पर चेतना स्टैमिना विकास मिशन. असंभव कुछ-भी नहीं है॰ परखें और जीएं हमें - ShareChat