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#शीतला अष्टमी #शीतला अष्टमी व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं #शीतला अष्टमी देवी समस्त रोगों का नाश करती है #❤️शुभकामना सन्देश
शीतला अष्टमी - ११ मार्च २०२६ शीतला अष्टमी F (बसोड़ा) की पूजा  दिन मां शीतला रोगों से रक्षा के लिए की जाती इस है। मान्यता है कि चेचक, त्वचा रोग, बार-बार बुखार और बच्चों सेहत की सुरक्षा के लिए यह पूजा  और घर के सभी सदस्यों की अत्यंत प्रभावशाली मानी गयी है। अष्टमी के दिन ताज़ा भोजन नहीं बनाया जाता। सप्तमी को बना ठंडा और बासी भोजन ही माता को भोग लगाकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है। क्या करें? २. सप्तमी को पूड़ी , हलवा, दही, मीठे चावल, बेसन की रोटी @ बनाकर रखें। २. अष्टमी के दिन चूल्हा / गैस न जलाएं। मुहूर्त में स्नान कर मां शीतला को ठंडा जल, दही, रोटी, 3. সম্ম चावल अर्पित करें। 0 ४. नीम के पत्तों की तोरण बनाकर मुख्य द्वार पर लगाएं। ५. "ऊँ शीतलाय नमः  का २०८ बार जाप करें और माता शीतला की कथा सुनें। ६. नीम पत्तों को परिवार के ऊपर से 7 बार घुमा कर (घडी की सुई की उल्टी दिशा में) भीमसेनी कपूर, 7 लौंग, 1 तेजपत्ता के मिट्टी के दीपक में घर के बाहर जलाएं जब सामग्री पूरी সাথ तरह जल जाए उसके बाद दिए को बाहर ही फेंक दे। ७. नीम के पत्तो बाला जल पूरे घर में छिड़कें। ८. ठंडा भोजन, दही मीठा जरूरतमंद को दान करें। क्या न करें? चूल्हा न जलाएं, गर्म व तामसिक भोजन न बनाएं, घर में क्रोध व कलह न करें मां शीतला को दही-मिश्री का भोग लगाकर परिवार सहित ग्रहण करें बच्चों को अवश्य खिलायें। हर हर महादेव ११ मार्च २०२६ शीतला अष्टमी F (बसोड़ा) की पूजा  दिन मां शीतला रोगों से रक्षा के लिए की जाती इस है। मान्यता है कि चेचक, त्वचा रोग, बार-बार बुखार और बच्चों सेहत की सुरक्षा के लिए यह पूजा  और घर के सभी सदस्यों की अत्यंत प्रभावशाली मानी गयी है। अष्टमी के दिन ताज़ा भोजन नहीं बनाया जाता। सप्तमी को बना ठंडा और बासी भोजन ही माता को भोग लगाकर प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है। क्या करें? २. सप्तमी को पूड़ी , हलवा, दही, मीठे चावल, बेसन की रोटी @ बनाकर रखें। २. अष्टमी के दिन चूल्हा / गैस न जलाएं। मुहूर्त में स्नान कर मां शीतला को ठंडा जल, दही, रोटी, 3. সম্ম चावल अर्पित करें। 0 ४. नीम के पत्तों की तोरण बनाकर मुख्य द्वार पर लगाएं। ५. "ऊँ शीतलाय नमः  का २०८ बार जाप करें और माता शीतला की कथा सुनें। ६. नीम पत्तों को परिवार के ऊपर से 7 बार घुमा कर (घडी की सुई की उल्टी दिशा में) भीमसेनी कपूर, 7 लौंग, 1 तेजपत्ता के मिट्टी के दीपक में घर के बाहर जलाएं जब सामग्री पूरी সাথ तरह जल जाए उसके बाद दिए को बाहर ही फेंक दे। ७. नीम के पत्तो बाला जल पूरे घर में छिड़कें। ८. ठंडा भोजन, दही मीठा जरूरतमंद को दान करें। क्या न करें? चूल्हा न जलाएं, गर्म व तामसिक भोजन न बनाएं, घर में क्रोध व कलह न करें मां शीतला को दही-मिश्री का भोग लगाकर परिवार सहित ग्रहण करें बच्चों को अवश्य खिलायें। हर हर महादेव - ShareChat