#महावीर_जयंती
✴️ महावीर जी ने किसी से धर्मदेशना (दीक्षा) नहीं ली थी यानि गुरू नहीं बनाया था। जबकि कबीर परमात्मा ने कहा है:
गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान।
गुरू बिन दोनों निष्फल है, पूछो वेद पुराण।।
✴️ जैन धर्म में ओंकार अर्थात ‘णोंकार‘ का जाप किया जाता है। जबकि गीता अध्याय 8 श्लोक 13 के अनुसार यह ॐ मंत्र ब्रह्म का है और ब्रह्म ने गीता अध्याय 7 श्लोक 18 में अपनी साधना को अनुत्तम (घटिया) बताया है।
✴️ जैनियों का मानना है कि यह सृष्टि नर-मादा से उत्पन्न हुई है, इसका कोई रचयिता नहीं है। ऐसे लोगों को गीता अध्याय 16 श्लोक 8-9 में क्रूरकर्मी मनुष्य केवल जगत के नाश के लिए ही उत्पन्न हुए कहा है। अधिक जानकारी के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल
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