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वायरल न्यूज - फैसलाःराज्यमेंशिक्षक पात्रता परीक्षानहींहोगी , हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य में पटना बिहार केछात्रोंकोनुकसान  सीटेटमें ६०%अंकजरूरी अब प्रारंभिक कक्षाओं ( १ से८ ) में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता सीटेट १५० अंको की होती है। इसमें टीईटी आयोजित नहीं होने से बिहार में परीक्षा ( टीईटी ) नहीं ली जाएगी।  पूछे जाते हैं। सामान्य वर्ग के छात्र- छात्राओं को नुकसान होगा।  150 সহন शिक्षा विभाग ने यह फैसला ले लिया  छात्र- छात्राओं को इसमें उत्तीर्णता के सीटेट का सिलेबस एनसीईआरटी पर है।इन स्कूलों में अब सीटेट ( केंद्रीय  लिए न्यूनतम ९० फीसदी आधारित है। टीईटी का सिलेबस 90 316) अनिवार्य है | जबकि एससी- एसटी, एससीईआरटी पर आधारित | सीटेट शिक्षक पात्रता परोक्षा ) के आधार पर सीटेट सेही प्रारंभिक स्कूलों  ओबीसी, दिव्यांग के लिए ५५ प्रतिशत ही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे | कठिन माना जाता है। सीटेट मेँ क्षेत्रीय  मेंशिक्षक बन सकेंगे अंक जरूरी है। हालांकि , बिहार में भाषाओं के विषयों की परीक्षा नहीं शिक्षा विभाग ने तीन साल पहले राज्य में अंतिम बार २०१७ टीईटी उत्तीर्ण करने वाली सामान्य वर्ग होती है।जैसे भोजपुरी, अंगिका और टीईटो आयोजित नहों करने के संबंध में की छात्राओं को ५५ फीरादी ( ८२ अंक ) मगही आदि। हालांकि मैथिली को अब मेंटीईटी आयोजित हुईथी कहा था कितत्काल यह परोक्षा नहीं पर क्वालिफायड मान लिया गया है शामिल करने का निर्णय लिया गया है। ली जाएगी भविष्य में ।पर आयाजन डिप्लोमा ( डी एलएड ) जरूरी है। किया सकता है। अब सोटेट से शिक्षक प्राथमिक कक्षा ( १ से 5 ) और उच्च एक से 5 तक के पेपर  1 की इस परीक्षा  बनने को अभ्यर्थी मिल जा रहे हैं। में वे लोग शामिल होने के पात्र होते हैं ग्राथमिक कक्षा ( ६ से 8 কলিত করঃা 6 স৪ নন্ধকলিব মরিনীমপন होता है।इसमें स्नातक के साथ हो दो इसलिए टोईटी नहों ली जाएगी | योग्यताओं का मूल्यांकन होता है।इस जिन्होंने मान्यता ग्राप्त बोर्ड से कम से सालका डीएलएड या बी॰एड होना  कम ५०% अंकों के साथ १२ वीं पास बिहार में दो बार २०१ १ और २०१७ परीक्षा में ५०% सेअधिक अंक लाने में टीईटी आयोजित हुई थी।परोक्षा में चालों को सफल माना जाता है।कक्षा होे।साथ ही शिक्षा में दो साल का जरूरी है फैसलाःराज्यमेंशिक्षक पात्रता परीक्षानहींहोगी , हिन्दुस्तान ब्यूरो। राज्य में पटना बिहार केछात्रोंकोनुकसान  सीटेटमें ६०%अंकजरूरी अब प्रारंभिक कक्षाओं ( १ से८ ) में शिक्षक बनने के लिए शिक्षक पात्रता सीटेट १५० अंको की होती है। इसमें टीईटी आयोजित नहीं होने से बिहार में परीक्षा ( टीईटी ) नहीं ली जाएगी।  पूछे जाते हैं। सामान्य वर्ग के छात्र- छात्राओं को नुकसान होगा।  150 সহন शिक्षा विभाग ने यह फैसला ले लिया  छात्र- छात्राओं को इसमें उत्तीर्णता के सीटेट का सिलेबस एनसीईआरटी पर है।इन स्कूलों में अब सीटेट ( केंद्रीय  लिए न्यूनतम ९० फीसदी आधारित है। टीईटी का सिलेबस 90 316) अनिवार्य है | जबकि एससी- एसटी, एससीईआरटी पर आधारित | सीटेट शिक्षक पात्रता परोक्षा ) के आधार पर सीटेट सेही प्रारंभिक स्कूलों  ओबीसी, दिव्यांग के लिए ५५ प्रतिशत ही अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे | कठिन माना जाता है। सीटेट मेँ क्षेत्रीय  मेंशिक्षक बन सकेंगे अंक जरूरी है। हालांकि , बिहार में भाषाओं के विषयों की परीक्षा नहीं शिक्षा विभाग ने तीन साल पहले राज्य में अंतिम बार २०१७ टीईटी उत्तीर्ण करने वाली सामान्य वर्ग होती है।जैसे भोजपुरी, अंगिका और टीईटो आयोजित नहों करने के संबंध में की छात्राओं को ५५ फीरादी ( ८२ अंक ) मगही आदि। हालांकि मैथिली को अब मेंटीईटी आयोजित हुईथी कहा था कितत्काल यह परोक्षा नहीं पर क्वालिफायड मान लिया गया है शामिल करने का निर्णय लिया गया है। ली जाएगी भविष्य में ।पर आयाजन डिप्लोमा ( डी एलएड ) जरूरी है। किया सकता है। अब सोटेट से शिक्षक प्राथमिक कक्षा ( १ से 5 ) और उच्च एक से 5 तक के पेपर  1 की इस परीक्षा  बनने को अभ्यर्थी मिल जा रहे हैं। में वे लोग शामिल होने के पात्र होते हैं ग्राथमिक कक्षा ( ६ से 8 কলিত করঃা 6 স৪ নন্ধকলিব মরিনীমপন होता है।इसमें स्नातक के साथ हो दो इसलिए टोईटी नहों ली जाएगी | योग्यताओं का मूल्यांकन होता है।इस जिन्होंने मान्यता ग्राप्त बोर्ड से कम से सालका डीएलएड या बी॰एड होना  कम ५०% अंकों के साथ १२ वीं पास बिहार में दो बार २०१ १ और २०१७ परीक्षा में ५०% सेअधिक अंक लाने में टीईटी आयोजित हुई थी।परोक्षा में चालों को सफल माना जाता है।कक्षा होे।साथ ही शिक्षा में दो साल का जरूरी है - ShareChat