ShareChat
click to see wallet page
search
#jai sachidanand ji
jai sachidanand ji - Shri Anandpur Satsang Thu; 15th Jan 2026 बोने से पहले बीज उपजाने के अन्न का दाना है _ बाद भी अन्न ही रहता है। घास-फूस उसे मध्य में मिलते हैं और मध्य में ही विलग हो जाते हैं। उसी प्रकार तुम अविनाशी का अंश हो और अन्त में भी अविनाशी में ही मिल जाओगे। ये कुटुम्ब-सम्बन्धी तो तुम्हें उस अन्न के घास-फूस की भाँति मार्ग बिछुड़ में मिले हैं और मार्ग में ही जायेंगे अतः तुम इनके साथ रहते हुए भी न्यारे होकर रहो। सच्चिदानन्द जी जय App available for Android and iOS Shri Anandpur Satsang Thu; 15th Jan 2026 बोने से पहले बीज उपजाने के अन्न का दाना है _ बाद भी अन्न ही रहता है। घास-फूस उसे मध्य में मिलते हैं और मध्य में ही विलग हो जाते हैं। उसी प्रकार तुम अविनाशी का अंश हो और अन्त में भी अविनाशी में ही मिल जाओगे। ये कुटुम्ब-सम्बन्धी तो तुम्हें उस अन्न के घास-फूस की भाँति मार्ग बिछुड़ में मिले हैं और मार्ग में ही जायेंगे अतः तुम इनके साथ रहते हुए भी न्यारे होकर रहो। सच्चिदानन्द जी जय App available for Android and iOS - ShareChat