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#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - जय परमेश्वर संसार के बच्चे बचनेकेलीये (जगतहीतकारनी ) पढें fna हजार हजार शुक्र उस जोती स्वरुप नीरंजन नीराकारका है की जीसने  जमीन व आसमान को बनाया और तमाम सृष्टी को पेदा किया परन्तु नही हुआ की क्या भेद है उसकी कारीगरी का भेद किसी पर जाहीर फीर मेरी जबान से इश्वर परमात्मा की तारीफ अदा नही हो सकती॰. . मै, साध [अनुपदास] सब संसार के और सब वलायतो के बच्चे बचने के लीये यह किताब - (जगतहीतकारनी ) लिखता  (२१८ ) हिन्दु और मुसलमान और क्या अंग्रेज और क्या सातों आठों वलायतोंके लोग इस किताब को अपने जीव के मुवाफीक रखना और किताब को पढकर वाकीफ  होना ओर पुरानी होने पर नई किताब छपवाकर इसका नमुना पास रखना और  जारीकरा देना ताकी संसार भुलेनही ताकि किताबे छपवाके बहुतसी  संसारके लोग हेतकरके इन बनीयोके जालको रावण वगैराकी तरहसे छोडावे सो मेरे जीतेजी सब संसार के लोग ऐकदिल होकर इन बनीयो बेइमानो के 3` राक्षसीपाप को रावण की तरह से छोडाओगे 77497..+(77) (२७४ ) है तो तुम  fs अंग्रेज और जो अपनी अपनी औलाद प्यारी तुमको  मुसलमान इनके छल मे मत पडना नही तो मुल्क मे पैसा नही रहने देंगे और औलादो को दुखी करके गारत कर देंगे और जो यह मेरे जीतेजी जाल छोड देवे तो यहभी  उभर जावे और जालभी मिट जावे और बार-बार कहता हूँकि हरगिज - हरगिज इनके छल मे मत पडना कि हमारी " जात और औलाद कायम रहे चाहे तुम्हारी  जो सुख  यह कितना ही छल करे परन्तु जाल को छोडाना  हो प्राप्त (Book Post) साध अनुपदास किताब -जगतहीतकारनी छावणी ऐरनपुरा शिवंगज, मारवाड 3000?0 जय परमेश्वर संसार के बच्चे बचनेकेलीये (जगतहीतकारनी ) पढें fna हजार हजार शुक्र उस जोती स्वरुप नीरंजन नीराकारका है की जीसने  जमीन व आसमान को बनाया और तमाम सृष्टी को पेदा किया परन्तु नही हुआ की क्या भेद है उसकी कारीगरी का भेद किसी पर जाहीर फीर मेरी जबान से इश्वर परमात्मा की तारीफ अदा नही हो सकती॰. . मै, साध [अनुपदास] सब संसार के और सब वलायतो के बच्चे बचने के लीये यह किताब - (जगतहीतकारनी ) लिखता  (२१८ ) हिन्दु और मुसलमान और क्या अंग्रेज और क्या सातों आठों वलायतोंके लोग इस किताब को अपने जीव के मुवाफीक रखना और किताब को पढकर वाकीफ  होना ओर पुरानी होने पर नई किताब छपवाकर इसका नमुना पास रखना और  जारीकरा देना ताकी संसार भुलेनही ताकि किताबे छपवाके बहुतसी  संसारके लोग हेतकरके इन बनीयोके जालको रावण वगैराकी तरहसे छोडावे सो मेरे जीतेजी सब संसार के लोग ऐकदिल होकर इन बनीयो बेइमानो के 3` राक्षसीपाप को रावण की तरह से छोडाओगे 77497..+(77) (२७४ ) है तो तुम  fs अंग्रेज और जो अपनी अपनी औलाद प्यारी तुमको  मुसलमान इनके छल मे मत पडना नही तो मुल्क मे पैसा नही रहने देंगे और औलादो को दुखी करके गारत कर देंगे और जो यह मेरे जीतेजी जाल छोड देवे तो यहभी  उभर जावे और जालभी मिट जावे और बार-बार कहता हूँकि हरगिज - हरगिज इनके छल मे मत पडना कि हमारी " जात और औलाद कायम रहे चाहे तुम्हारी  जो सुख  यह कितना ही छल करे परन्तु जाल को छोडाना  हो प्राप्त (Book Post) साध अनुपदास किताब -जगतहीतकारनी छावणी ऐरनपुरा शिवंगज, मारवाड 3000?0 - ShareChat