♦️महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. स. 1575, सन् 1518 को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है।
गरीब, काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर।
काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।।
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![Nirman Divas of God Kabir - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1miRpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1miRpa AMnll ral ' - ShareChat Nirman Divas of God Kabir - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1miRpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1miRpa AMnll ral ' - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_32578_1afa2d45_1769595030776_sc.jpg?tenant=sc&referrer=pwa-sharechat-service&f=776_sc.jpg)

