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#📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार
📒 मेरी डायरी - goddul [ভ্রানশীন) ज़िरूरत से ज्यादा ज़िरूरत से ज्यादा लगाव ज़िरूरत से ज्यादा उम्मीदी और ज़िरूरत से ज्यादा भिरोसा) अक्सर इंसान को अंत में ज़रूरत से ज्यादा कष्ट देते हैं। ' शूभ रात्रि Amit Sona AMITSONAOFFICIAL goddul [ভ্রানশীন) ज़िरूरत से ज्यादा ज़िरूरत से ज्यादा लगाव ज़िरूरत से ज्यादा उम्मीदी और ज़िरूरत से ज्यादा भिरोसा) अक्सर इंसान को अंत में ज़रूरत से ज्यादा कष्ट देते हैं। ' शूभ रात्रि Amit Sona AMITSONAOFFICIAL - ShareChat