ShareChat
click to see wallet page
search
श्रीमद्भगवदगीता यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम!! #चित्र छंद
चित्र छंद - সমকম & ল্াবন | यदा यदा हि धर्मस्थ 7٥ ٦٩ ٤» की ढनि और ग्लनिर्भवति 9?0  3dH ಹ1 A81 अभ्युत्यानभचर्मस्य ٤١٩٢ ٤ d4-74 ErHA| तदात्मानं   सृजाम्यह्म् I २०५ 3|44 67 ೭ ৭হিস্নজাত সামুন R01 బశ గ विताशाय च दुष्ृताभ् | 41014 र्भसंस्थापनार्याय 7٦ ٧  लग शंन्नवााम युग अुग ।। स)र பட 2dా 4 সমকম & ল্াবন | यदा यदा हि धर्मस्थ 7٥ ٦٩ ٤» की ढनि और ग्लनिर्भवति 9?0  3dH ಹ1 A81 अभ्युत्यानभचर्मस्य ٤١٩٢ ٤ d4-74 ErHA| तदात्मानं   सृजाम्यह्म् I २०५ 3|44 67 ೭ ৭হিস্নজাত সামুন R01 బశ గ विताशाय च दुष्ृताभ् | 41014 र्भसंस्थापनार्याय 7٦ ٧  लग शंन्नवााम युग अुग ।। स)र பட 2dా 4 - ShareChat