ShareChat
click to see wallet page
search
###Jharkhand
##Jharkhand - दुमका जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मसलिया प्रखंड के हारोरायडीह पंचायत स्थित मानरायडीह गांव में तीन छोटे बच्चे माता पिता के निधन के बाद पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। अब उनके सामने पढ़ाई और जीवनन्यापन की बड़ी चुनौती खडी हो गई है। সিন্তুক্ধা; ` मानरायडीह गांव में रहने वाले १ १ वर्षीय 9 qాu लीलमुनि और 6 वर्षीय सागर के सिर से माता पिता का साया उठ गया है। चार साल पहले उनकी मां का निधन हो गया था। वहीं दो दिन पहले उनके पिता हांसदा का भी देहांत हो गया। इसके सुनील  बाद तीनों बच्चे पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं। परिवार का सहारा  खत्म होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और परवरिश पर संकट गहरा स्कूल में नामांकन  गया है। जानकारी के मुताबिक, एक बच्ची का रूप से स्कूल  तो हुआ है, लेकिन वह नियमित  नहीं जा पा रही है। भी स्कूल में दाखिला नहीं हो बाकी दो बच्चों का अब तक किसी सका है। লিৎ तीन मासूम अनाथ बच्चों के मसीहा बने CM हेमंत सोरेन! दुमका जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मसलिया प्रखंड के हारोरायडीह पंचायत स्थित मानरायडीह गांव में तीन छोटे बच्चे माता पिता के निधन के बाद पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। अब उनके सामने पढ़ाई और जीवनन्यापन की बड़ी चुनौती खडी हो गई है। সিন্তুক্ধা; ` मानरायडीह गांव में रहने वाले १ १ वर्षीय 9 qాu लीलमुनि और 6 वर्षीय सागर के सिर से माता पिता का साया उठ गया है। चार साल पहले उनकी मां का निधन हो गया था। वहीं दो दिन पहले उनके पिता हांसदा का भी देहांत हो गया। इसके सुनील  बाद तीनों बच्चे पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं। परिवार का सहारा  खत्म होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और परवरिश पर संकट गहरा स्कूल में नामांकन  गया है। जानकारी के मुताबिक, एक बच्ची का रूप से स्कूल  तो हुआ है, लेकिन वह नियमित  नहीं जा पा रही है। भी स्कूल में दाखिला नहीं हो बाकी दो बच्चों का अब तक किसी सका है। লিৎ तीन मासूम अनाथ बच्चों के मसीहा बने CM हेमंत सोरेन! - ShareChat