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#प्रभु यीशु मसीह वचन✝️🙏
प्रभु यीशु मसीह वचन✝️🙏 - जुबान में जीवन और ನ್ತ೯ २ जुबान छोटी है, पर बहुत शक्तिशाली 1 "मृत्यु और जीवन जीभ के वश में हैं।" " जीभ छोटी है, पर बड़ी-बडी बातें करती है।॰ নীনননন 18:21 3lಕd 3:5 ४ बोलने से पहले सोचो ३. जुबान को वश में रखना सच्ची भक्ति है हर मनुष्य सुनने में तत्पर ४जो अपनी जीभ को वश में नहीं रखता, उसकी भक्ति और बोलने में धीमा हो।" व्यर्थ है।" जाेकुब 1:26 जाकूब 1:26 ६ मोटी (कठोर ) बात झगड़ा बढ़ाती है, कोमल ही जुबान से आशीष और श्राप 5 wa वाणी शांति लाती है! नहीं निकलना चाहिए कोमल उत्तर से जलजलाहट उसी जीभ से हम प्रभु की स्तुति ठंडी होती है। " करते हैं अम मनुष्मी को कोसते हें ऐसा नही होना चाहिए 3Iga नीतवचन १५:१ 3.9-10 8 झूठ और निंदा परमेश्वर ७ हमारे शब्द हमारे मन को प्रकट करते हैं সী সন ম সযা ই, নন্ী को अप्रिय हैं! मुँह से निकलता है। " नीतीवचच 6:16-१९ मती १२:३४ जुबान में जीवन और ನ್ತ೯ २ जुबान छोटी है, पर बहुत शक्तिशाली 1 "मृत्यु और जीवन जीभ के वश में हैं।" " जीभ छोटी है, पर बड़ी-बडी बातें करती है।॰ নীনননন 18:21 3lಕd 3:5 ४ बोलने से पहले सोचो ३. जुबान को वश में रखना सच्ची भक्ति है हर मनुष्य सुनने में तत्पर ४जो अपनी जीभ को वश में नहीं रखता, उसकी भक्ति और बोलने में धीमा हो।" व्यर्थ है।" जाेकुब 1:26 जाकूब 1:26 ६ मोटी (कठोर ) बात झगड़ा बढ़ाती है, कोमल ही जुबान से आशीष और श्राप 5 wa वाणी शांति लाती है! नहीं निकलना चाहिए कोमल उत्तर से जलजलाहट उसी जीभ से हम प्रभु की स्तुति ठंडी होती है। " करते हैं अम मनुष्मी को कोसते हें ऐसा नही होना चाहिए 3Iga नीतवचन १५:१ 3.9-10 8 झूठ और निंदा परमेश्वर ७ हमारे शब्द हमारे मन को प्रकट करते हैं সী সন ম সযা ই, নন্ী को अप्रिय हैं! मुँह से निकलता है। " नीतीवचच 6:16-१९ मती १२:३४ - ShareChat