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#🗣कबीर अमृतवाणी📢 #🙏 प्रेरणादायक विचार #👉 लोगों के लिए सीख👈 #🌸 सत्य वचन #🙏सुविचार📿
🗣कबीर अमृतवाणी📢 - ಪಹಸಪರೊ ೈ कबार , जो धन पाय न धर्म करत , नार्ही सद व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।| भावार्थः जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है , उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते 8,4 परमात्मा के चोर हैंजो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। ಪಹಸಪರೊ ೈ कबार , जो धन पाय न धर्म करत , नार्ही सद व्यौहार। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मार।| भावार्थः जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है , उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते 8,4 परमात्मा के चोर हैंजो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। - ShareChat