ShareChat
click to see wallet page
search
#अधूरे अल्फाज़
अधूरे अल्फाज़ - मुझे फ़ुर्सत कहाँ जो मौसम सुहाना देखूँ तेरी यार्दों से निकलूँ ಇ್ಮೋ  !| तो ज़माना अजीत सिँह शौतम् मुझे फ़ुर्सत कहाँ जो मौसम सुहाना देखूँ तेरी यार्दों से निकलूँ ಇ್ಮೋ  !| तो ज़माना अजीत सिँह शौतम् - ShareChat