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#मेरी जिंदगी
मेरी जिंदगी - मेरी जिन्दगी कौन हू मै कभी लगता gু # शौर है ये समझ नही आ रहा आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मुस्कुराहट हू मैं कभी लगता है घबराहट हू मैं खुद को रोज तलाशू आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मंजिल को पाने की राह मै ह्ैँ जिंदगी कभी लगता है आसमान को छूने की चाह हू के सफर में ये नही समझ आ रहा आखिर कौन हू मैं जय श्री श्याम मेरी जिन्दगी कौन हू मै कभी लगता gু # शौर है ये समझ नही आ रहा आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मुस्कुराहट हू मैं कभी लगता है घबराहट हू मैं खुद को रोज तलाशू आखिर कौन हू मैं॰ कभी लगता है मंजिल को पाने की राह मै ह्ैँ जिंदगी कभी लगता है आसमान को छूने की चाह हू के सफर में ये नही समझ आ रहा आखिर कौन हू मैं जय श्री श्याम - ShareChat