ShareChat
click to see wallet page
search
#♥️💜💙तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है💙💜♥️《Vijay💓Raishu 》 #Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚 #दिल💖के अल्फ़ाज़✍️ #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #♥️💚💜हमको सिर्फ तुम से प्यार है,,माय फीलिंग्स माय-लव-विजय💜💚♥️{《V》}♡♥️♡{《R》}♥️💚💜
♥️💜💙तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है💙💜♥️《Vijay💓Raishu 》 - कोई टूटे हुए दिल का, सहारा क्यों नही होता कोई साथी तुम्हारा या हमारा क्यों नहीं होता। ये कैसा इश्क़ है॰ इक बारहो जाए किसी से गर उसी शिद्दत से ओ यारा , दुबारा क्यों नहीं होता। पुकारा करती है बुलबुल , को जिस नज़ाकत से गुलों  वही मासूम लहजा फिर, गवारा क्यों नहीं होता। फ़लक पर चाँद इक है और, तारों की नुमाइश है मेरी तक़दीर का कोई सितारा क्यों नहीं होता। जिन्होंने तोड़ कर वादे, हमारी जान ले ली है बिन न जाने दिल का उनके गुज़ारा क्यों नहीं होता। ख़म हुई जाती हैं ताज़ा ज़ख़्म , गहरे घाव, हस्ती सिफ़त कोई बची है गर, इशारा क्यों नहीं होता। {' पिया तो इक आए, मिले तो होश खो जाए मय-ए उल्फ़त का कोई घूँट, ख़ारा क्यूँ नहीं होता। इन दिवानों की जला कर ख़ाक कर देती है ತfur त अज्जुब है कि ज़ाहिर, ये शरारा क्यूँ नहीं होता। कोई टूटे हुए दिल का, सहारा क्यों नही होता कोई साथी तुम्हारा या हमारा क्यों नहीं होता। ये कैसा इश्क़ है॰ इक बारहो जाए किसी से गर उसी शिद्दत से ओ यारा , दुबारा क्यों नहीं होता। पुकारा करती है बुलबुल , को जिस नज़ाकत से गुलों  वही मासूम लहजा फिर, गवारा क्यों नहीं होता। फ़लक पर चाँद इक है और, तारों की नुमाइश है मेरी तक़दीर का कोई सितारा क्यों नहीं होता। जिन्होंने तोड़ कर वादे, हमारी जान ले ली है बिन न जाने दिल का उनके गुज़ारा क्यों नहीं होता। ख़म हुई जाती हैं ताज़ा ज़ख़्म , गहरे घाव, हस्ती सिफ़त कोई बची है गर, इशारा क्यों नहीं होता। {' पिया तो इक आए, मिले तो होश खो जाए मय-ए उल्फ़त का कोई घूँट, ख़ारा क्यूँ नहीं होता। इन दिवानों की जला कर ख़ाक कर देती है ತfur त अज्जुब है कि ज़ाहिर, ये शरारा क्यूँ नहीं होता। - ShareChat