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#sgeditor #🎭Whatsapp status #आदिवासी #😎आपला स्टेट्स
sgeditor - ZTZZO ILOFJVI JAYSEWA 8 EAZOTF ४९४२ SEONI BZTZ70 USE QFFET ] QZFrT E7 [ZTZ3-EFET  EZTZ3-EFEr खरसावाँ   गोलीकांड जनवरी १९४८ 4 खवरखाँ रखीवेंअमर रहें Ufof oC 924, 92  ধ্রবীঙ Ff১২f _ 319718  103 0 { भारत १९४७ में आज़ाद हुआ| लेकिन 1 जनवरी १९४८ की सुबह खरसावां में आदिवासियों के लिए का अर्थ गोलियों की आवाज़ बन गया। आज़ादी खरसावां (वर्तमान सरायकेला खरसावां , झारखंड) में हजारों आदिवासी शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र हुए थे। वे कोई हो, मुंडा , संथाल समुदाय మ विद्रोह नहीं कर रहे थे, न ही हथियारबंद थे। उनकी मांग सिर्फ़ इतनी थी कि उनकी ज़मीन , उनकी पहचान और उनके भविष्य का फैसला उनसे पूछकर किया जाए। ZTZZO ILOFJVI JAYSEWA 8 EAZOTF ४९४२ SEONI BZTZ70 USE QFFET ] QZFrT E7 [ZTZ3-EFET  EZTZ3-EFEr खरसावाँ   गोलीकांड जनवरी १९४८ 4 खवरखाँ रखीवेंअमर रहें Ufof oC 924, 92  ধ্রবীঙ Ff১২f _ 319718  103 0 { भारत १९४७ में आज़ाद हुआ| लेकिन 1 जनवरी १९४८ की सुबह खरसावां में आदिवासियों के लिए का अर्थ गोलियों की आवाज़ बन गया। आज़ादी खरसावां (वर्तमान सरायकेला खरसावां , झारखंड) में हजारों आदिवासी शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र हुए थे। वे कोई हो, मुंडा , संथाल समुदाय మ विद्रोह नहीं कर रहे थे, न ही हथियारबंद थे। उनकी मांग सिर्फ़ इतनी थी कि उनकी ज़मीन , उनकी पहचान और उनके भविष्य का फैसला उनसे पूछकर किया जाए। - ShareChat