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#भक्ति भावनायें और ईश्वर आस्था #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
भक्ति भावनायें और ईश्वर आस्था - 4 जीव परमात्मा का अंश है। बंदीछोड सतगुरू रामपाल जी महाराज ( रामायण में भी कहा है, ईश्वर अंश जीव अविनाशी ) जीव जो अपने किए कर्म का सुख, दुख भोगता है तो अपने अंश के सुख दुख का परमात्मा को भी अहसास होता है। 8 4#frer8- कबीर कह मेरे जीव को दुख ना दिजो कोय  दुखाऐ मैं दुखी मेरा आपा भी दुखी होय Il भक्त www JagatGuruRampalli.org SatlokAshramshamliuP SatlokShamiUP 4 जीव परमात्मा का अंश है। बंदीछोड सतगुरू रामपाल जी महाराज ( रामायण में भी कहा है, ईश्वर अंश जीव अविनाशी ) जीव जो अपने किए कर्म का सुख, दुख भोगता है तो अपने अंश के सुख दुख का परमात्मा को भी अहसास होता है। 8 4#frer8- कबीर कह मेरे जीव को दुख ना दिजो कोय  दुखाऐ मैं दुखी मेरा आपा भी दुखी होय Il भक्त www JagatGuruRampalli.org SatlokAshramshamliuP SatlokShamiUP - ShareChat