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सुनो ना साहिब, साल भले बदलेगा मगर, तारीख़ें वही दिन वही सुबह भी वही शाम भी वही चाँद-सूरज भी वही होगा। हर साल बदलते नहीं ये मंज़र बस नाम नया दे देता है वक्त। बदलना है सच में तो खुद को बदलना होगा, उत्साह,उम्मीदों की तरंग संग खट्टी-मीठी यादों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। #story #hindi kavita #viral #वायरल माई पोस्ट