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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #💌शब्द से शायरी✒️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - किसी ने मुझसे पूछा क्या किया पूर साल 377 दिया मैंने हंसकर जवाब किसी के साथ धोखा नहीं किया Gu zar Ke Words किसी ने मुझसे पूछा क्या किया पूर साल 377 दिया मैंने हंसकर जवाब किसी के साथ धोखा नहीं किया Gu zar Ke Words - ShareChat