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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🤲 इबादत #कुरान और हदीस
❤️अस्सलामु अलैकुम - सबसे पहले रोजा किसने रखा और क्यो रखा था। | में सबसे पहला रोजा हजरत आदम 4 अलैहिस्सलाम ने तब रखा था. जब उन्होंने शैतान के बरगलाने पर पेड़ का वह फल खा लिया, जिसे अल्लाह ने मना किया था. जब उनसे गलती हुई और उन्हें जन्नत से निकालकर धरती पर भेजा गया. यहां कई सालों तक खुदा से माफी मांगी , उन्होंने उन्हें अल्लाह ने उस गलती की माफी दी और उन्हें रोजा रखने को कहा. तब हज़रत अलैहिस्सलाम ने तौबा और माफी के आदम लिए रोज़े रखे थे। तो उन्होंने अल्लाह से माफी माँगी , इबादत की और सब्र किया। रोज़़ा  उसी सब्र , तौबा और अल्लाह की तरफ़ लौटने की एक खूबसूरत मिसाल माना जाता है। Sharchat 786 सबसे पहले रोजा किसने रखा और क्यो रखा था। | में सबसे पहला रोजा हजरत आदम 4 अलैहिस्सलाम ने तब रखा था. जब उन्होंने शैतान के बरगलाने पर पेड़ का वह फल खा लिया, जिसे अल्लाह ने मना किया था. जब उनसे गलती हुई और उन्हें जन्नत से निकालकर धरती पर भेजा गया. यहां कई सालों तक खुदा से माफी मांगी , उन्होंने उन्हें अल्लाह ने उस गलती की माफी दी और उन्हें रोजा रखने को कहा. तब हज़रत अलैहिस्सलाम ने तौबा और माफी के आदम लिए रोज़े रखे थे। तो उन्होंने अल्लाह से माफी माँगी , इबादत की और सब्र किया। रोज़़ा  उसी सब्र , तौबा और अल्लाह की तरफ़ लौटने की एक खूबसूरत मिसाल माना जाता है। Sharchat 786 - ShareChat