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#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - जिससे प्रीत होती, वह प्रीत की रीति निभाने वाले अखंड योगी होते। आजकल जो महान आत्माएं भी कहलाती हैं उन्हों के नाम भी अखंडानन्द हैं, लेकिन सब में अखंड स्वरूप तो आप हो ना! आनन्द में भी अखंड, सुख में भी अखंड..... सबमें अखंड हो? वातावरण और वायब्रेशन का भी सहयोग है, भूमि का भी सहयोग সিক্ সাত্রীণ ম ন है, तो मधुबन निवासियों के लिए सहज है के अवगुणों को देखते सुनते डोन्ट केयर। ' तो आएं, दूसरा दूसरे इस विशेषता से अखंड योगी बन सकते। अगर कोई के संगदोष में आ जाते या अवगुण देखते तो योग खंडित होता। जो अखंड योगी नहीं वह पूज्य नहीं हो सकते, अगर योग खंडित होता तो थोड़े समय के लिए पूज्य होंगे; सदा का पूज्य बनना है ना। आधा कल्प स्वयं पूज्य स्वरूप, आधा कल्प जड़ चित्रों का पूजन। IAvyaktMurliEssence Avyakt Murli - 02-06-77 जिससे प्रीत होती, वह प्रीत की रीति निभाने वाले अखंड योगी होते। आजकल जो महान आत्माएं भी कहलाती हैं उन्हों के नाम भी अखंडानन्द हैं, लेकिन सब में अखंड स्वरूप तो आप हो ना! आनन्द में भी अखंड, सुख में भी अखंड..... सबमें अखंड हो? वातावरण और वायब्रेशन का भी सहयोग है, भूमि का भी सहयोग সিক্ সাত্রীণ ম ন है, तो मधुबन निवासियों के लिए सहज है के अवगुणों को देखते सुनते डोन्ट केयर। ' तो आएं, दूसरा दूसरे इस विशेषता से अखंड योगी बन सकते। अगर कोई के संगदोष में आ जाते या अवगुण देखते तो योग खंडित होता। जो अखंड योगी नहीं वह पूज्य नहीं हो सकते, अगर योग खंडित होता तो थोड़े समय के लिए पूज्य होंगे; सदा का पूज्य बनना है ना। आधा कल्प स्वयं पूज्य स्वरूप, आधा कल्प जड़ चित्रों का पूजन। IAvyaktMurliEssence Avyakt Murli - 02-06-77 - ShareChat