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#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - अव्थक्त इशारे जितना बड़ा संगठन है तो बातें भी तो इतनी ही होंगी ना। बातों का होना , यह तो संगठन में होगा ही। बातों के समय बाप याद रहता है ? यह नहीं सोचो कि बातें खत्म हों तो बाप याद आवे। लेकिन बातों को खत्म करने के लिए ही बाप की याद है। बातें खत्म ही तब होंगी जब हम आगे बढ़ेंगे। ऐसे नहीं, बातें खत्म हों तब हम आगे बढ़़े, हम आगे बढ़ेंगे तो बातें पीछे हो जायेंगी | अव्यक्त यापदादा  15/01/1981 Dahm Kumry' अव्थक्त इशारे जितना बड़ा संगठन है तो बातें भी तो इतनी ही होंगी ना। बातों का होना , यह तो संगठन में होगा ही। बातों के समय बाप याद रहता है ? यह नहीं सोचो कि बातें खत्म हों तो बाप याद आवे। लेकिन बातों को खत्म करने के लिए ही बाप की याद है। बातें खत्म ही तब होंगी जब हम आगे बढ़ेंगे। ऐसे नहीं, बातें खत्म हों तब हम आगे बढ़़े, हम आगे बढ़ेंगे तो बातें पीछे हो जायेंगी | अव्यक्त यापदादा  15/01/1981 Dahm Kumry' - ShareChat