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#hadis #quran #aaj ki achchi bat #❤️अस्सलामु अलैकुम #islamic post
hadis - रोज़ा हरगिज़ न छोड़ें f মসবুরবী हज़रत अबु हुरैरह रज़ि अ. कहते हैं कि रसूलुल्लाह  ४४ ने फ़रमायाः जिसने बग़ैर किसी शरई मजबूरी और बग़ैर किसी बीमारी के रमज़ान का कोई रोज़ा नहीं रखा तो पूरे साल का रोज़ा भी (उसके सवाब की) भरपाई नहीं कर पाएगा चाहे वह पूरे साल रोज़े से रहे। (सुनन तिरमिज़ी : ७२३ ) रोज़ा हरगिज़ न छोड़ें f মসবুরবী हज़रत अबु हुरैरह रज़ि अ. कहते हैं कि रसूलुल्लाह  ४४ ने फ़रमायाः जिसने बग़ैर किसी शरई मजबूरी और बग़ैर किसी बीमारी के रमज़ान का कोई रोज़ा नहीं रखा तो पूरे साल का रोज़ा भी (उसके सवाब की) भरपाई नहीं कर पाएगा चाहे वह पूरे साल रोज़े से रहे। (सुनन तिरमिज़ी : ७२३ ) - ShareChat