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#✍️ साहित्य एवं शायरी ##मारिजे💔इश्क़ # अधूरी ख्वाब💔💔#एक तरफा मोहब्बत 💔💔 #🥀अधूरी 💔 मोहब्बत🥀
✍️ साहित्य एवं शायरी - तूहीथा जिसे खुद से भी ज्यादा चाहा था , तेरे सिवा किसी और को कभी दिल में न बसा पाया था। अब तेरे बिना जीना तो सीख लिया है मैंने . पर मर-्मर के जीने का हुनर किस्मत ने सिखाया था। तूहीथा जिसे खुद से भी ज्यादा चाहा था , तेरे सिवा किसी और को कभी दिल में न बसा पाया था। अब तेरे बिना जीना तो सीख लिया है मैंने . पर मर-्मर के जीने का हुनर किस्मत ने सिखाया था। - ShareChat