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#🕋Quran Aur Hadees ( قرآن اور حدیث ) 🕋 #قرآن و احادیث کی باتیں
🕋Quran Aur Hadees ( قرآن اور حدیث ) 🕋 - नफ़्ल नमाज़ की फज़ीलत मअदन बिन अबी तलहा यउमरी रज़ि. से रिवायत है वह फ़रमाते है ُهُلَْعَأٍلَمَعِب ينْذِبْخَأ ُتْلُقَف َمَلَسَو ِهْيَلَع ُهُللا یَتَص ِهٌللا ِلوُسَر یلْوَم َناَبْوَث ُتيِقَل َلاَق َتَكَسَف ُهُتْلَس َّمُث َتَكَسَف ِهُللا یَلِإ ِلاَمْعَأْلا ِبَحَأِب ُتْنُق َلاَقْوَأ َةَّنَجْلاِو ا يِنْلِخ دُي ఓ్మీ . َكْيَلَعدد : َلاَقَف َمَلَسَو ِهْيَلَع ُهُللا یََص ِهللا َلوُسَر َكِلَذ ْنَع ُتْلَس َلاَقَف َةَثِلاَّثلاُهُتْلَأَس َّمُث ًةَجَرَداَهِب ُهُللا َكَعَفَراَّلِإ ًةَدُجَس ِهَتِل ُدُجْسَتاَل َكَّنِإَف ِهَّلِلِدوُجُّسلا ِةَرْثَکِب 5>, اَهِب َكْنَع ْناَبْوَث يِ َلاَقاَم َلْثِم :يِل َلاَقَف ُهُتْلَأَسَفِءاَدْرَّدلاَبَأ ُتیِقَل َّمُث ْناَدْعَم َلاَق < ًۃئیِطَخ फ़रमाते हैं कि मेरी मुलाकात अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  के गुलाम सोबान रज़ि. से हुई तो मैंने उनसे अर्ज़ की कि आप मुझे कोई ऐसा अमल बताये कि जिस के करने से अल्लाह तआला खुश हो कर मुझे जन्नत में दाखिल कर दे, या यह कहा (रावी को शक है) कि अल्लाह के नज़दीक तरीन  महबूब अमल कौनसा है? तो वह खामोश रहे, मैंने फिर दुबारा पूछा, लेकिन फिर भी वह खामोश रहे, फिर मैंने तीसरी बार पूछा तो फ़रमाया : मैंने यही अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा था, तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया : कसरत से सजदे किया करो।" ute@ uTmా| Lajತ 0೫la 05-OCTOBER-2025-SUNDAY تاعامجل او மi یفلس (ulp موصعم دحأل ط موي  یرس ஐ ) IY ١٤٤٧ Gklp 3 0೦' राशिद हसन मुबारक़ पुरी इस हदीस के तहत लिखते हैं सजदों से मुराद यहां नफ़्ल नमाज़ें हैं, क्योंकि सिर्फ़ सजदा बगगैर नमाज़ के बहुत ज़्यादा पसंदीदा चीज़ नहीं। (नफ़्ल नमाज़ें स. नं. ४२) (মুলিম 1093) Masuuli[ule/23n Contact No€ 729403035 3 नफ़्ल नमाज़ की फज़ीलत मअदन बिन अबी तलहा यउमरी रज़ि. से रिवायत है वह फ़रमाते है ُهُلَْعَأٍلَمَعِب ينْذِبْخَأ ُتْلُقَف َمَلَسَو ِهْيَلَع ُهُللا یَتَص ِهٌللا ِلوُسَر یلْوَم َناَبْوَث ُتيِقَل َلاَق َتَكَسَف ُهُتْلَس َّمُث َتَكَسَف ِهُللا یَلِإ ِلاَمْعَأْلا ِبَحَأِب ُتْنُق َلاَقْوَأ َةَّنَجْلاِو ا يِنْلِخ دُي ఓ్మీ . َكْيَلَعدد : َلاَقَف َمَلَسَو ِهْيَلَع ُهُللا یََص ِهللا َلوُسَر َكِلَذ ْنَع ُتْلَس َلاَقَف َةَثِلاَّثلاُهُتْلَأَس َّمُث ًةَجَرَداَهِب ُهُللا َكَعَفَراَّلِإ ًةَدُجَس ِهَتِل ُدُجْسَتاَل َكَّنِإَف ِهَّلِلِدوُجُّسلا ِةَرْثَکِب 5>, اَهِب َكْنَع ْناَبْوَث يِ َلاَقاَم َلْثِم :يِل َلاَقَف ُهُتْلَأَسَفِءاَدْرَّدلاَبَأ ُتیِقَل َّمُث ْناَدْعَم َلاَق < ًۃئیِطَخ फ़रमाते हैं कि मेरी मुलाकात अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम  के गुलाम सोबान रज़ि. से हुई तो मैंने उनसे अर्ज़ की कि आप मुझे कोई ऐसा अमल बताये कि जिस के करने से अल्लाह तआला खुश हो कर मुझे जन्नत में दाखिल कर दे, या यह कहा (रावी को शक है) कि अल्लाह के नज़दीक तरीन  महबूब अमल कौनसा है? तो वह खामोश रहे, मैंने फिर दुबारा पूछा, लेकिन फिर भी वह खामोश रहे, फिर मैंने तीसरी बार पूछा तो फ़रमाया : मैंने यही अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा था, तो आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया : कसरत से सजदे किया करो।" ute@ uTmా| Lajತ 0೫la 05-OCTOBER-2025-SUNDAY تاعامجل او மi یفلس (ulp موصعم دحأل ط موي  یرس ஐ ) IY ١٤٤٧ Gklp 3 0೦' राशिद हसन मुबारक़ पुरी इस हदीस के तहत लिखते हैं सजदों से मुराद यहां नफ़्ल नमाज़ें हैं, क्योंकि सिर्फ़ सजदा बगगैर नमाज़ के बहुत ज़्यादा पसंदीदा चीज़ नहीं। (नफ़्ल नमाज़ें स. नं. ४२) (মুলিম 1093) Masuuli[ule/23n Contact No€ 729403035 3 - ShareChat