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#ज्योतिष #🔯राशि कै अनुसार भविष्यवाणी #🌟ज्योतिष उपाय #🔮ज्योतिष शास्त्र #🔯भक्ति ज्योतिष🔮
ज्योतिष - स्वाहा, फट् हं॰ नमः का अर्थ पूजा और हवन में क्यों बोले जाते ्हैये शब्द स्वाहा ग्रंथों में ' स्वाहा ' को अग्नि देव की पत्नि बताया गया है। स्वाहा बोलने से अग्नि देव आहुति स्वीकार करते हैं और चढ़ाए गए उस देवता तक  जिसके मंत्र के पहुंचाते हैं  अंत में स्वाहा बोला गया है। फट् इस शब्द का अर्थ होता है विघटन या काट। ये एक शक्तिशाली ध्वनि है जिससे दूर होती हैं और उनकी काट होती है। किसी मंत्र में फट् आता है नकारात्मक शक्तियां  तो उस मंत्र की ऊर्जा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। ह हं को वायु तत्व का बीज मंत्र कहा जाता है। यह आत्मबल, गति और प्राण शक्ति का प्रतीक है। मंत्र में इसका उपयोग ऊर्जा और गति के साथ मानसिक शांति के लिए किया जाता है। H: होता है नमन करना। यह विनम्रता और भक्ति के भाव को अर्थ  इसका दर्शाता है। मंत्र के अंत में इस शब्द को लगाकार उन देवता को नमस्कार किया जाता है। स्वाहा, फट् हं॰ नमः का अर्थ पूजा और हवन में क्यों बोले जाते ्हैये शब्द स्वाहा ग्रंथों में ' स्वाहा ' को अग्नि देव की पत्नि बताया गया है। स्वाहा बोलने से अग्नि देव आहुति स्वीकार करते हैं और चढ़ाए गए उस देवता तक  जिसके मंत्र के पहुंचाते हैं  अंत में स्वाहा बोला गया है। फट् इस शब्द का अर्थ होता है विघटन या काट। ये एक शक्तिशाली ध्वनि है जिससे दूर होती हैं और उनकी काट होती है। किसी मंत्र में फट् आता है नकारात्मक शक्तियां  तो उस मंत्र की ऊर्जा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। ह हं को वायु तत्व का बीज मंत्र कहा जाता है। यह आत्मबल, गति और प्राण शक्ति का प्रतीक है। मंत्र में इसका उपयोग ऊर्जा और गति के साथ मानसिक शांति के लिए किया जाता है। H: होता है नमन करना। यह विनम्रता और भक्ति के भाव को अर्थ  इसका दर्शाता है। मंत्र के अंत में इस शब्द को लगाकार उन देवता को नमस्कार किया जाता है। - ShareChat